अजीत सिंह हत्याकांड की जांच एसटीएफ को सौंपा: धनंजय सिंह की बड़ी मुश्किलें
विभूतिखंड में हुए एक साल पहले अजीत सिंह हत्याकांड की जांच एसटीएफ को सौंपा गया है। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार के आदेश पर ये कार्रवाई की गई। मामले में साजिश रचने के आरोपी बनाये गये पूर्व सांसद धनंजय सिंह की मुश्किले बढ़ गई है।
6 जनवरी, 2021 को अजीत सिंह की हत्या कठौता चौराहे के पास उस समय हुई, जब वो अपने साथी मोहर सिंह के साथ जा रहा था। उन पर हुई राउण्ड फायरिंग के दौरान मोहर और राहगीर आकाश भी घायल हुए। मोहर ने एफआईआर दर्ज कराई कि जेल में बंद अखण्ड सिंह व कुंटू सिंह ने सुपारी देकर ये हत्या करवाई। गिरधारी विश्वकर्मा उर्फ डॉक्टर भी शूटरों में था। इसमें संदीप सिंह बाबा, अंकुर सिंह, मुस्तफा, प्रिंस, बंधन, रेहान सिंह और रेहान भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद रिमाण्ड अवधि में पुलिस अभिरक्षा से भागते समय गिरधारी मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। धनंजय सिंह को भी साजिश रचने का आरोपी बनाया। इसके बाद उन पर 25 हजार रुपये इनाम भी घोषित हुआ।
अगस्त 2021 में इस हत्याकाण्ड की विवेचना गाजीपुर थाने को स्थानान्तिरत कर दी गई। तब से तीन विवेचक गाजीपुर ठाणे में बदल चुके है। धनंजय सिंह की गिरफ्तारी न होने और उनके खुलेआम घूमने को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चायें हो रही थी। शुक्रवार को इस हत्याकाण्ड की जांच एसटीएफ को दे दी गई है।
हेमलता बिष्ट
Sandhya Halchal News